जश्न-ए-आज़ादी (Jashan-e-Azaadi)

Written in Hindi by Ekta Bhartiya and translated into English by Anandi Pandey जश्न-ए-आज़ादी। कौनो सबेरे कोई पागल आज़ादी आज़ादी चिल्लाया था,पर आज़ादी का मतलब बेचारा ठीक से समझाना पाया था।रात होते ही उसका शव गांव के सरहद पर पाया था,देशद्रोही का ठप्पा तो उसपर ही लगवाया था। कौनो सबेरे कोई पागल आज़ादी आज़ादी चिल्लाया … More जश्न-ए-आज़ादी (Jashan-e-Azaadi)